संस्कृत ग्रन्थभारतीय ज्योतिष
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बृहज्जातकम या 'वृहत जातक' वराहमिहिर द्वारा रचित पाँच प्रमुख ग्रन्थों में से एक है। उनके द्वारा रचित अन्य ४ ग्रन्थ ये हैं- पंचसिद्धान्तिका, बृहत संहिता, लघुजातक, और योगयात्रा। इसके साथ ही यह ग्रन्थ हिन्दू ज्योतिष के ५ प्रमुख ग्रन्थों में से एक है, अन्य चार ग्रन्थ ये हैं- कल्याणवर्मा कृत सारावली, वेंकटेश कृत सर्वार्थ चिन्तामणि, वैद्यनाथ कृत जातक पारिजात, मन्त्रेश्वर कृत फलदीपिका।
संरचना
मूल ग्रन्थ संस्कृत में है जिमें २८ अध्यायों में ४०७ श्लोक हैं।
इन्हें भी देखें
बाहरी कड़ियाँ
बृहज्जातकम् (संस्कृत विकिस्रोत)
भारतीय ज्योतिष
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| नक्षत्र |
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| राशि |
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| ग्रह |
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| ग्रन्थ |
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| अन्य सिद्धांत |
आत्मकारक • अयनमास • भाव • चौघड़िया • दशा • द्वादशम • गंडांत • लग्न • नाड़ी • पंचांग • पंजिका • राहुकाल
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| और देखिये |
फलित ज्योतिष • सिद्धान्त ज्योतिष
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 ज्योतिष |
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