भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण अनुक्रम पृष्ठभूमि इतिहास और सांख्यिकी नियम नए नोट प्रभाव प्रतिक्रिया सन्दर्भ इन्हें भी देखें बाहरी कड़ियाँ दिक्चालन सूचीब"भारत की 'नोट बंदी' का असर विदेशों में भी"छह लोगों को थी 500 और 1000 के नोटों के बंद किए जाने की जानकारी"Rs500, Rs1000 notes may be back, if history is a guide""Are banks equipped to replace 2,300 crore pieces of Rs 500 and Rs 1,000 notes?""The measure is 'anti-poor': When BJP opposed demonetisation during UPA govt""BJP Had A Very Different View On Demonetisation In 2014""Explain opposition to similar move by UPA: AAP to BJP on demonetisation""How BJP had termed demonetisation as 'anti-poor' in 2014"बैंकों और 500-1000 के नोट पर 15 अहम बात10 खास बातें : 500 और 2000 रुपए के नए नोट पुराने नोटों से कैसे अलग होंगे, जानें500 और 1000 का नोट बंद होने से शेयर बाज़ार में हाहाकारनोटबंदी के बाद अब निशाने पर हवाला कारोबार, दिल्ली समेत कई शहरों में इनकम टैक्स के छापे जारीनोटबंदी का असर : मणिपुर में अखबारों के दफ्तर हुए बंदनोटबंदी : 50 दिन पूरे होने की आहट के बीच, देश को ऐसे हुआ बड़ा फायदा..!केजरीवाल ने नोटबंदी को बताया 'बड़ा घोटाला', कहा- बीजेपी ने अपने 'दोस्तों' को पहले ही आगाह कर दिया500, 1000 के नोट बंद होने पर क्या बोले मंत्री-सीएम?नोटबंदी: संसद में हंगामा, सड़क पर बिखर गया विपक्ष का भारत बंदबंद विफल होने से बीजेपी गदगद, सतीश उपाध्याय बोले जनता का केजरीवाल से उठा भरोसानोटबंदी: जागरण के सर्वे में 85 फीसद देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी के साथ"गुजरात: किशोर भजियावाला के ठिकानों पर छापे खत्म, 1000 करोड़ बरामद!"मोदी सरकार की नई स्कीम, डिजिटल भुगतान करने के लिए देगी इनामसरकार का ऐलान, डिजिटल भुगतान पर बरसेगा पैसा, सबसे बड़ा इनाम 1 करोड़पाकिस्तान में भी नोटबंदी! बंद होगा 5000 रुपए का नोटनोटबंदी के समर्थन में सामने आए 82 फीसद लोग: सर्वेनोटबंदी पर नरेंद्र मोदी को मिल रहा आर्थिक जगत के दिग्‍गजों का साथनोटबंदी क्रांतिकारी फैसला, भ्रष्टाचार, आतंकियों की फंडिंग पर लगेगी रोक: अन्ना हजारे५०० के नए नोट में बड़ी गलती , देशभर मे मची खलबली  आर बी ई  बोला "सो सॉरी "!लोकसभा में आयकर संशोधन बिल पेश, अघोषित आय पर देना होगा 30% टैक्स नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था को होंगे ये 10 फायदेवेनेजुएला के बाद ऑस्‍ट्रेलिया भी चला नरेंद्र मोदी की राह, काले धन पर चोट के लिए बैन कर रहा 100 डॉलर का नोट

भारत के बैंकनोट2016 में भारतीय अर्थव्यवस्थापैसे का इतिहासबंद हुए उत्पादमोदी प्रशासन की पहलभारत में भ्रष्टाचार विरोधी उपायभारत में नकदरहित लेनदेन


भारतीय प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदीकाले धनजाली नोटोंनृपेंद्र मिश्राआरबीआई गवर्नरअशोक लवासाशक्तिकांत दासवित्त मंत्रीअरुण जेटली200220072012लोक सभा चुनाव, 2014शपथग्रहणSignature of Narendra Modi (Hindi).svgPrime Minister of Indiaभारत की स्वतंत्रताजनता पार्टीरिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडियाउर्जित पटेलमीनाक्षी लेखीनिफ़्टीएनएसईहवालादिल्लीचांदनी चौकचंडीगढ़लुधियानामणिपुररीयल एस्टेटकांग्रेसआम आदमी पार्टीतृणमूल कांग्रेससीपीएमभारत बन्दसर्वेक्षणोंआयकर विभागसेवा करबेनेजुएलाआस्ट्रेलिया







हावड़ा के एक एटीएम पर नोटों के लिए लगी कतार, 8 नवम्बर 2016


भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण, जिसे मीडिया में छोटे रूप में नोटबंदी कहा गया, की घोषणा 8 नवम्बर 2016 को रात आठ बजे (आईएसटी) भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अचानक राष्ट्र को किये गए संबोधन के द्वारा की गयी।[1] यह संबोधन टीवी के द्वारा किया गया। इस घोषणा में 8 नवम्बर की आधी रात से देश में 500 और 1000 रुपये के नोटों को खत्म करने का ऐलान किया गया। इसका उद्देश्य केवल काले धन पर नियंत्रण ही नहीं बल्कि जाली नोटों से छुटकारा पाना भी था।
[2]




अनुक्रम





  • 1 पृष्ठभूमि


  • 2 इतिहास और सांख्यिकी


  • 3 नियम

    • 3.1 नोटों के लिए भी लगी स्याही



  • 4 नए नोट


  • 5 प्रभाव

    • 5.1 सम्भावित प्रभाव



  • 6 प्रतिक्रिया

    • 6.1 समर्थन


    • 6.2 आलोचना


    • 6.3 भारत बन्द


    • 6.4 जनमत


    • 6.5 छापे


    • 6.6 कम नकदी को प्रोत्साहन


    • 6.7 अन्य देशों में विमुद्रीकरण



  • 7 सन्दर्भ


  • 8 इन्हें भी देखें


  • 9 बाहरी कड़ियाँ




पृष्ठभूमि


कुछ खबरों के अनुसार, यह योजना छह महीने पहले बननी शुरू हुई थी। सरकार के इस फैसले की जानकारी केवल कुछ लोगों को थी। ये लोग थे- मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्रा, पूर्व और वर्तमान आरबीआई गवर्नर, वित्त सचिव अशोक लवासा, आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास और वित्त मंत्री अरुण जेटली। योजना को लागू करने की प्रक्रिया दो महीने पहले शुरू हुई थी।[2]


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यह लेख इसका एक भाग है।
नरेन्द्र मोदी


गुजरात विधान सभा चुनाव
2002  • 2007  • 2012



भारत के प्रधान मंत्री
लोक सभा चुनाव, 2014  • शपथग्रहण



वैश्विक योगदान


  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

  • इन्स्टा

  • न्यू डेवलपमेंट बैंक


भारत


  • मन की बात

  • स्वच्छ भारत

  • विमुद्रीकरण

  • जन धन योजना

  • मुद्रा योजना

  • अटल पेंशन योजना

  • जीवन ज्योति

  • सुरक्षा बीमा

  • मेक इन इंडिया

  • आदर्श ग्राम

  • सड़क यातायात और सुरक्षा बिल

  • उन्नत भारत अभियान

  • सुकन्‍या समृद्धि

  • उजाला योजना

  • उज्ज्वला योजना

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Prime Minister of India






इतिहास और सांख्यिकी


इससे पहले, इसी तरह के उपायों को भारत की स्वतंत्रता के बाद लागू किया गया था। जनवरी 1946 में, 1000 और 10,000 रुपए के नोटों को वापस ले लिया गया था और 1000, 5000 और 10,000 रुपए के नए नोट 1954 में पुनः शुरू किये गए थे। 16 जनवरी 1978 को जनता पार्टी की गठबंधन सरकार ने फिर से 1000, 5000 और 10,000 रुपए के नोटों का विमुद्रिकरण किया था ताकि जालसाजी और काले धन पर अंकुश लगाया जा सके।[3]


28 अक्टूबर 2016 को भारत में ₹17.77 लाख करोड़ (यूएस$260 बिलियन) मुद्रा सर्कुलेशन में थी। मूल्य के आधार पर 31 मार्च 2016 को आई रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट अनुसार, सर्कुलेशन में नोटों की कुल कीमत ₹16.42 लाख करोड़ (यूएस$240 बिलियन) है, जिसमें से 86% (अर्थात ₹14.18 लाख करोड़  (यूएस$210 बिलियन)) 500 और 1000 के नोट हैं। वॉल्यूम के आधार पर रिपोर्ट अनुसार, 9,026.6 करोड़ नोटों में से 24% (अर्थात 2,203 करोड़) बैंक नोट सर्कुलेशन में हैं। [4]
प्रधानमंत्री मोदी की आधिकारिक घोषणा के बाद रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सभी मूल्यवर्ग के नोटों की आपूर्ति में 2011 और 2016 और बीच में 40% की वृद्धि हुई थी, ₹ 500 और ₹ 1000 पैसों में इस अवधि में क्रमश: 76% और 109% की वृद्धि हुई। इस जाली नकदी को भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया था। इसके परिणाम स्वरुप नोटों को खत्म करने का निर्णय लिया गया था।


अतीत में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नोटबंदी का जोरदार विरोध किया था। भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने 2014 में कहा था कि 'आम औरत और आदमी, जो लोग अनपढ़ हैं और बैंकिंग सुविधाओं तक जिनकी पहुँच नहीं है ऐसे लोग इस तरह के उपायों से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। मुख्य रूप से कुछ समय के अंतराल में स्वयं जनता 2000 के नोट को चलन से बाहर कर देगी, क्योंकि जहाँ कम मुल्य की वस्तु खरीदनी हो तब दुकानदार आपसे 2000 के नोट नहीं लेगा। परिणाम स्वरूप 2000 के नोट की या तो जमाखोरी होगी अथवा काले धन का ही सृजन करेंगें। सरकार को इस विषय पर प्रारंभिक समय से सचेत रहने की आवश्यकता है। [5][6][7][8]



नियम


बैंकों से नोट बदलने की प्रक्रिया 30 दिसम्बर 2016 तक चली, इसके बाद पुराने नोट बदलने का कार्य केवल आर० बी० आई० द्वारा ही किया गया।



  • नोट बदलने की प्रक्रिया समाप्त होने तक चली प्रक्रियाएं:

  1. एटीएम से किसी एक दिन में ₹2,500 तक निकाल सकते हैं।

  2. एक दिन में ग्राहक बैंक काउंटर से ₹24,000 से ज़्यादा नहीं निकाल सकता लेकिन इसमें एटीएम से निकाली गई राशि शामिल नहीं है।

  3. किसी एक हफ़्ते में एक ग्राहक ₹24,000 तक बैंक से निकाल सकता है। इसमें भी वो रक़म शामिल नहीं है जो एटीएम से निकाली गई हो।

  4. एक महीने के अंदर कोई भी ग्राहक ₹20,000 तक ही नक़द बैंक काउंटर से निकाल सकता है। आरबीआई ने 30 दिसंबर तक उस सीमा को ख़त्म कर दिया है जिसमें एटीएम पर किए गए महीने के पांच लेनदेन के बाद के इस्तेमाल पर शुल्क लगता था।

  5. एक बार में ₹2000 तक बैंक में बदल सकते हैं। इसके लिए किसी भी सरकारी फोटो-आईडी की एक फोटोकॉपी चाहिए। बैंक में एक फॉर्म भरने के बाद पुराने नोट बदल सकते हैं।

  6. एक दिन में एक व्यक्ति एक ही बार ₹2,000 के नोट बदल सकता है। एक ही आईडी पर दो बार पैसे जमा नहीं होंगे।

  7. कोई भी व्यक्ति अपने निजी बैंक खाते में जितना चाहे पैसा जमा कर सकता है, जिसमें 500, 1000 के नोट शामिल हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में थर्ड पार्टी डिपॉज़िट की इजाज़त नहीं दी गई है लेकिन अगर मजबूरन करना पड़े तो जमा करने वाले की और जिसका खाता है उसकी असली आईडी दिखानी पड़ेगी। हालांकि सरकार ने कहा है कि ₹2,50,000 तक जमा किए गए 500 या 1000 रुपए के नोटों तक के बारे में कोई जवाब नहीं माँगा जाएगा, लेकिन उससे ज़्यादा की राशि में हो सकता है कि आयकर विभाग इसकी जांच करे और अगर पुराने टैक्स या इनकम से ये राशि असामान्य लगती है और जांच में गड़बड़ी साबित होती है तो इस पर 200% की पेनल्टी लगाई जाएगी।


  8. ई-बैंकिंग लेनदेन पर कोई भी रोक नहीं है और कोई व्यक्ति आरटीजीएस, एनईएफटी, आईएमपीएस, पेटीएम, मोबाइल बैंकिंग वैगेरह के ज़रिए जितने चाहे पैसा किसी दूसरे को दे सकते हैं।[9]


नोटों के लिए भी लगी स्याही


काले धन को सफ़ेद करने के लिए एक ही व्यक्ति बार -बार लाइन में लग कर बैंको में भीड़ बढ़ा रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अब बैंको में नोट बदलने वाले के अंगुली में अमिट स्याही लगाई गई। [10]



नए नोट



  • 500 रुपए के नए नोट का आकार 66 मिली मीटर x 150 मिली मीटर है। साथ ही उस पर आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर हैं। नोट के पीछे लाल किले की तस्वीर होगी व 'स्वच्छ भारत अभियान' का लोगो भी है। ये नोट 'महात्मा गांधी न्यू सीरीज ऑफ नोट्स' कहलाएंगे। अब नोट के बीच में महात्मा गांधी की तस्वीर है। इस बार हिंदी अंकों में ₹५०० (500) भी लिखा है।[11]


  • 2000 रुपए का नोट गुलाबी रंग का है। इसमें पीछे की ओर 'मंगलयान' की तस्वीर है। इसका आकार 66 मिली मीटर x 166 मिली मीटर है। नोट के सीरियल नंबरों का फोंट साइज बदला गया है।इस नोट पर भी देवनागरी अंकों में ₹२००० (₹2000) लिखा है।[11]


प्रभाव



  • बीएसई सेंसेक्स 651.49 अंक गिरा। ये गिरावट 2.36 फ़ीसद की है।

इसके साथ-साथ निफ़्टी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। एनएसई में 2.64 फ़ीसद या 225.40 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।[12]


अनेक बाजारों में दुकानों को आईटी (इनकम टैक्स) विभाग द्वारा छापे के डर की वजह से बंद कर दिया गया।
हवाला ऑपरेटर भी भागे-भागे फिरने लगे और सोचन लगे कि इस तरह की भारी नकदी के साथ क्या करना चाहिए। देश के कई राज्यों में इनकम टैक्स विभाग ने छापे मारे। आयकर विभाग ने दिल्ली के चांदनी चौक, मुंबई में तीन जगहों और चंडीगढ़ लुधियाना के साथ-साथ कई शहरों में अवैध तरीके से नोट बदलने और हवाला कारोबार के शक में छापे डाले।[13]


18 नवम्बर को व्यवसाय चलाने के लिए पैसे नहीं होने का हवाला देते हुए मणिपुर में अखबारों ने अपने कार्यालय बंद कर दिए। इसके परिणामस्वरूप शुक्रवार के बाद से मणिपुर में अखबार नहीं छपे। जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती और पैसे की उपलब्धता नहीं हो जाती, तब तक कार्यालय बंद रहेंगे , ऐसी बात बताई गाई।[14]



सम्भावित प्रभाव


इस नोटबन्दी के कुछ प्रभाव तो अभी से स्पष्ट दिखने लगे हैं, जैसे नक्सलवाद को गहरा धक्का, भ्रष्ट लोगों में बेचैनी, आदि। किन्तु इससे बहुत से लोगों को बहुत सारी आशाएँ हैं। आशा की जा रही है कि रीयल एस्टेट (मकान, जमीन आदि) के दाम कम होंगे, बैंको की ब्याज दर भी कम होगी। भ्रष्टाचार में भी भारी कमी आने की उम्मीद है। चुनाव में कदाचार कम होगा, ऐसी भी आशा है। लेकिन आशा के विपरीत नोटबंदी का प्रभाव अर्थवयवस्था पर प्रतिकूल पड़ा है । अर्थव्यवस्था और व्यापार चौपट हो गया है ।[15]



प्रतिक्रिया



समर्थन



  1. सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने ट्वीट किया कि भ्रष्टाचार और कालेधन पर श्री नरेंद्र मोदी जी की सर्जिकल स्ट्राइक। भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत की लड़ाई में साथ दें। उनके मंत्रालय के राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी प्रधानमंत्री के फैसले की सराहना की। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह आम आदमी के लिए वास्तविक आजादी है।[16]


  2. संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने ट्वीट किया कि भ्रष्टाचार, कालेधन और आतंकवाद से लड़ने के लिए ऐतिहासिक कदम।[16]


  3. झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बड़े कदम उठाना जरूरी था।[16]


  4. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस कदम को राष्ट्र की प्रगति में मील का पत्थर बताते हुए साहसिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि काले धन के खिलाफ इस लड़ाई में भारत की जनता सच्चे सैनिकों की तरह सय़ौग करेगी।[16]


  5. बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने विमुद्रीकरण का समर्थन किया और कहा कि यह शेर की सवारी करने जैसा साहसिक निर्णय है।[16]


आलोचना



  1. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ट्वीट को रीट्वीट कर दिया जिसमें ममता ने केंद्र के फैसले को कठोर कहा था। केजरीवाल ने 12 नवम्बर को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नोटबंदी के नाम पर देश में 'बड़े घोटाले' को अंजाम दिया गया। सरकार ने कुछ लोगों को पहले ही आगाह कर दिया था। पिछले तीन महिनों के बैंकों में हजारों करोड़ रुपये जमा कराए गए। बैंक में जमा कराई गई इतनी बड़ी रकम से शक पैदा होता है।[16]


  2. केरल की माकपा नीत एलडीएफ सरकार ने सरकार के आकस्मिक ऐलान की आलोचना करते हुए कहा कि इस कदम से देश से काला धन खत्म नहीं होगा। केरल के वित्त मंत्री टी एम थोमस इसाक ने कहा कि 1000 और 500 के नोटों को बंद करना काले धन की समस्या का निवारण नहीं है। पूरा काला धन इस रूप में नहीं होता। बहुत सारा धन विदेशों में जमा है और हवाले के रास्ते से आता है।[17]


भारत बन्द


नोटबन्दी का विरोध करने वाले दलों (कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, सीपीएम आदि) ने 28 नवम्बर को भारत बन्द का आह्वान किया था जो सफल नहीं हुआ। [18][19]



जनमत


कई सर्वेक्षणों से पता चलता है कि भारत की अधिकांश जनता ने इस विमुद्रीकरण की घोषणा का स्वागत किया है तथा वे इसके सकारात्मक प्रभावों के प्रति आशान्वित हैं। [20]



छापे


आयकर विभाग तथा अन्य विभागों ने जगह-जगह छापे मारे जिसमें भारी मात्रा में पुराने तथा नये नोट मिले। इसमें कई बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का भी पर्दाफाश हुआ।


  • स्वैच्छिक घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत गुजरात के महेश शाह ने 13,800 करोड़ के ऊपर काले धन का ख़ुलासा किया था।[16]

  • गुजरात में सुरत के किशोर भजियावाले नाम के चाय और पकौड़ी बेचने वाले के पास से 1000 करोड़ का कालाधन बरामद किया गया था।[21]


कम नकदी को प्रोत्साहन


500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण से उत्पन्न नकदी की कमी की समस्या से निपटने के लिये भारत सरकार ने डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देना आरम्भ किया है। प्रोत्साहन के लिये डिजिटल भुगतान करने पर सेवा कर में छूट तथा कई इनामों (लकी ड्रा) की घोषणा की गयी है।[22][23]



अन्य देशों में विमुद्रीकरण


भारत में विमुद्रीकरण के निर्णय से प्रभावित होकर कुछ अन्य देशों ने भी विमुद्रीकरण का निर्णय लिया है जिसमें बेनेजुएला और आस्ट्रेलिया शामिल हैं। पाकिस्तान की सीनेट ने भी 5000 के नोटों की बन्दी का प्रस्ताव किया है।[24]



सन्दर्भ




  1. "भारत की 'नोट बंदी' का असर विदेशों में भी"..mw-parser-output cite.citationfont-style:inherit.mw-parser-output qquotes:"""""""'""'".mw-parser-output code.cs1-codecolor:inherit;background:inherit;border:inherit;padding:inherit.mw-parser-output .cs1-lock-free abackground:url("//upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/6/65/Lock-green.svg/9px-Lock-green.svg.png")no-repeat;background-position:right .1em center.mw-parser-output .cs1-lock-limited a,.mw-parser-output .cs1-lock-registration abackground:url("//upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/d/d6/Lock-gray-alt-2.svg/9px-Lock-gray-alt-2.svg.png")no-repeat;background-position:right .1em center.mw-parser-output .cs1-lock-subscription abackground:url("//upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/a/aa/Lock-red-alt-2.svg/9px-Lock-red-alt-2.svg.png")no-repeat;background-position:right .1em center.mw-parser-output .cs1-subscription,.mw-parser-output .cs1-registrationcolor:#555.mw-parser-output .cs1-subscription span,.mw-parser-output .cs1-registration spanborder-bottom:1px dotted;cursor:help.mw-parser-output .cs1-hidden-errordisplay:none;font-size:100%.mw-parser-output .cs1-visible-errorfont-size:100%.mw-parser-output .cs1-subscription,.mw-parser-output .cs1-registration,.mw-parser-output .cs1-formatfont-size:95%.mw-parser-output .cs1-kern-left,.mw-parser-output .cs1-kern-wl-leftpadding-left:0.2em.mw-parser-output .cs1-kern-right,.mw-parser-output .cs1-kern-wl-rightpadding-right:0.2em


  2. छह लोगों को थी 500 और 1000 के नोटों के बंद किए जाने की जानकारी - नवभारत टाइम्स - 9 नवम्बर 2016


  3. Gopika Gopakumar, Vishwanath Nair (8 November 2016). "Rs500, Rs1000 notes may be back, if history is a guide". Live Mint. अभिगमन तिथि 9 November 2016.


  4. Damodaran, Harish (9 November 2016). "Are banks equipped to replace 2,300 crore pieces of Rs 500 and Rs 1,000 notes?". Indian Express. अभिगमन तिथि 9 November 2016.


  5. Kumar Uttam (12 November 2016). "The measure is 'anti-poor': When BJP opposed demonetisation during UPA govt". हिन्दुस्तान टाईम्स. अभिगमन तिथि 12 November 2016.


  6. Betwa Sharma (11 November 2016). "BJP Had A Very Different View On Demonetisation In 2014". Huffingtonpost.in. अभिगमन तिथि 12 November 2016.


  7. "Explain opposition to similar move by UPA: AAP to BJP on demonetisation". द इंडियन एक्सप्रेस. 12 November 2016. अभिगमन तिथि 12 November 2016.


  8. 5:23 pm. "How BJP had termed demonetisation as 'anti-poor' in 2014". Blogs.timesofindia.indiatimes.com. अभिगमन तिथि 12 November 2016.


  9. बैंकों और 500-1000 के नोट पर 15 अहम बात -बीबीसी - 10 नवम्बर 2016


  10. http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/sikar/indelible-ink-to-stop-repeated-exchange-of-notes-2372902.html?utm_source=Twitter&utm_medium=Social


  11. 10 खास बातें : 500 और 2000 रुपए के नए नोट पुराने नोटों से कैसे अलग होंगे, जानें - एनडीटीवी - 9 नवम्बर 2016


  12. 500 और 1000 का नोट बंद होने से शेयर बाज़ार में हाहाकार - बीबीसी - 9 नवम्बर 2016


  13. नोटबंदी के बाद अब निशाने पर हवाला कारोबार, दिल्ली समेत कई शहरों में इनकम टैक्स के छापे जारी - एनडीटीवी - 12 नवम्बर 2016


  14. नोटबंदी का असर : मणिपुर में अखबारों के दफ्तर हुए बंद - एनडीटीवी - 18 नवम्बर 2016


  15. नोटबंदी : 50 दिन पूरे होने की आहट के बीच, देश को ऐसे हुआ बड़ा फायदा..!


  16. केजरीवाल ने नोटबंदी को बताया 'बड़ा घोटाला', कहा- बीजेपी ने अपने 'दोस्तों' को पहले ही आगाह कर दिया - एनडीटीवी - 12 नवम्बर 2016 सन्दर्भ त्रुटि: <ref> अमान्य टैग है; "NDTV" नाम कई बार विभिन्न सामग्रियों में परिभाषित हो चुका है


  17. 500, 1000 के नोट बंद होने पर क्या बोले मंत्री-सीएम? - एनडीटीवी - 9 नवंबर 2016


  18. नोटबंदी: संसद में हंगामा, सड़क पर बिखर गया विपक्ष का भारत बंद (नवभारत टाइम्स)


  19. बंद विफल होने से बीजेपी गदगद, सतीश उपाध्याय बोले जनता का केजरीवाल से उठा भरोसा (आज तक)


  20. नोटबंदी: जागरण के सर्वे में 85 फीसद देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी के साथ (दैनिक जागरण)


  21. "गुजरात: किशोर भजियावाला के ठिकानों पर छापे खत्म, 1000 करोड़ बरामद!". समाचार. २०१६. अभिगमन तिथि २५ दिसम्बर २०१६.


  22. मोदी सरकार की नई स्कीम, डिजिटल भुगतान करने के लिए देगी इनाम


  23. सरकार का ऐलान, डिजिटल भुगतान पर बरसेगा पैसा, सबसे बड़ा इनाम 1 करोड़


  24. पाकिस्तान में भी नोटबंदी! बंद होगा 5000 रुपए का नोट - ज़ी न्यूज़ - 20 दिसम्बर 2016



इन्हें भी देखें


  • विमुद्रीकरण

  • मुद्रा का अवमूल्यन

  • गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (भारत)

  • भारत का काला धन

  • काले धन के विरुद्ध भारतीय आंदोलन (2011)

  • जाली नोट


  • नकदीविहीन समाज (कैशलेस सोसायटी)

  • काला धन घोटाला (ब्लैक मनी स्कैम)


बाहरी कड़ियाँ


  • नोटबंदी के समर्थन में सामने आए 82 फीसद लोग: सर्वे


  • नोटबंदी पर नरेंद्र मोदी को मिल रहा आर्थिक जगत के दिग्‍गजों का साथ (प्रभात खबर)


  • नोटबंदी क्रांतिकारी फैसला, भ्रष्टाचार, आतंकियों की फंडिंग पर लगेगी रोक: अन्ना हजारे (नवभारत टाइम्स)


  • ५०० के नए नोट में बड़ी गलती , देशभर मे मची खलबली  आर बी ई  बोला "सो सॉरी "!(इंडिया ट्रेंडिंग नाउ)


  • लोकसभा में आयकर संशोधन बिल पेश, अघोषित आय पर देना होगा 30% टैक्स (न्यूज़ स्टेट)


  • नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था को होंगे ये 10 फायदे (आज तक)


  • वेनेजुएला के बाद ऑस्‍ट्रेलिया भी चला नरेंद्र मोदी की राह, काले धन पर चोट के लिए बैन कर रहा 100 डॉलर का नोट (जनसत्ता ; १८ दिसम्बर २०१६)


-2016 में भारतीय अर्थव्यवस्था, पैसे का इतिहास, बंद हुए उत्पाद, भारत के बैंकनोट, भारत में नकदरहित लेनदेन, भारत में भ्रष्टाचार विरोधी उपाय, मोदी प्रशासन की पहल

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